Posts

#NagPanchami आज का दिन- 23 अगस्त 2024, वागड़, गुजरात में नाग पंचमी!

Image
#NagPanchami  आज का दिन-  23 अगस्त  2024,   वागड़, गुजरात में नाग पंचमी ! - प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी  (व्हाट्सएप- 8875863494) नाग पंचमी, पंचक, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग * वागड़, गुजरात में नाग पंचमी - शुक्रवार, 23 अगस्त 2024 * नाग पंचमी पूजा मूहूर्त - 10:38 से 18:58 * पंचमी तिथि प्रारम्भ - 23 अगस्त 2024 को 10:38 बजे * पंचमी तिथि समाप्त -  24 अगस्त 2024 को 07:51 बजे जन्म पत्रिका में काल सर्प योग कई बार जीवन में सफलता में बाधा बनता है, इसे दोष मानकर परेशान न हों, कई ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी कुण्डली में काल सर्प योग होने पर भी वे सफलतम रहे हैं, इसलिए यदि कुण्डली में काल सर्प योग है तो शांति के लिए करें- * यदि जन्म पत्रिका में काल सर्प योग है और उसके कारण नुकसान हो रहा है तो ससमय शांति पूजा करें. * काल सर्प योग के कारण बाधा-परेशानियां हैं तो नाग पंचमी के दिन नाग प्रतिमा स्थापित कर कच्चा दूध अर्पित करते हुए पूजा करें, * सम्भव हो तो सपेरे द्वारा पकड...

ब्राह्मण फेडरेशन ने कहा - बांग्लादेश में हिंदू प्रतिनिधियों के संरक्षण पर ध्यान दें

Image
ब्राह्मण फेडरेशन ने कहा - बांग्लादेश में हिंदू प्रतिनिधियों के संरक्षण पर ध्यान दें  नई दिल्लीl  ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रदीप ज्योति एवं राष्ट्रीय महामंत्री पंडित पदम प्रकाश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि बांग्लादेश में पिछले दिनों के दौरान हुई घटनाओं के दौरान हिंदू समाज के प्रतिनिधियों के साथ आ रही समस्याओं को लेकर बांग्लादेश की नवगठित सरकार से चर्चा कर बांग्लादेश में निवास कर रहे हिंदू समाज प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएl  डॉ ज्योति एवं पंडित शर्मा ने ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं बांग्लादेश के प्रतिनिधियों से भी इस संबंध में विस्तार से चर्चा की और आवश्यक सहयोग हेतु आश्वस्त कियाl उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में जिस तरह की घटनाएं हो रही है और सूचनाए मिल रही है उसके चलते फेडरेशन के प्रतिनिधि चिंतित है तथा उनके संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से सतत सहयोग और सुरक्षा के लिए आग्रह कर रहे हैं l  राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रदीप ज्योति ने बांग्लादेश ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय महामंत्री बिजॉय कृ...

#SankashtiChaturthi आज का दिनः 21 अगस्त 2024 जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा!

Image
  #SankashtiChaturthi   आज का दिनः    21 अगस्त 2024   जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा! - प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी  (व्हाट्सएप- 8875863494) * हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी - 22 अगस्त 2024 * संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 20:56 * चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 22 अगस्त 2024 को 13:46 बजे * चतुर्थी तिथि समाप्त - 23 अगस्त 2024 को 10:38 बजे *  श्रीगणेश  की  शुभदृष्टि  से  समस्त   कष्ट , नष्ट होते हैं और इसीलिए  संकष्टी   चतुर्थी  का विशेष महत्व है. * प्रतिमाह पूर्णिमा के पश्चात आने वाली कृष्णपक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी  पुकारते हैं. संकट से मुक्ति मिलने को ही संकष्टी कहते हैं. * भगवान श्रीगणेश के भक्त संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास रखते हैं.  * धर्मधारणा है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी तरह के विघ्नों से मुक्ति मिल जाती है. * श्रद्धालु संकष्टी चतुर्थी का कठोर व्रत करते हैं जिसमे केवल फलों, वनस्पति ...

बांसवाड़ा-डूंगरपुर-प्रतापगढ़ में रक्षाबंधन का मुहूर्त : 19 अगस्त 2024....

Image
बांसवाड़ा-डूंगरपुर- प्रतापगढ़   में  रक्षाबं धन का मुहूर्त ! - प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी * रक्षाबंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, इस शुभ अवसर पर बहनें अपने भाइयों को रक्षा-सूत्र बांधती हैं. * रक्षा-सूत्र बांधने में शुभ-मुहूर्त से ज्यादा शुभ-भावना का महत्व है, इसलिए यदि आप शुभ-मुहूर्त नहीं देख पाएं, तो शुभ और पवित्र भावना के साथ रक्षा-सूत्र बांधें. * शुभ-मुहूर्त की दृष्टि से देखें, तो अपराह्न का समय रक्षाबंधन के लिये  उपयुक्त माना जाता है, लेकिन भद्रा आदि के कारण से अपराह्न में शुभ-मुहूर्त उपलब्ध नहीं है, तो प्रदोष-काल का समय भी रक्षाबंधन संस्कार के लिये उपयुक्त माना जाता है. * इस साल रक्षाबंधन 19 अगस्त 2024 को मनाया जा रहा है. * रक्षाबंधन के दिन पूर्णिमा तिथि का समय इस प्रकार है.... * पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 19 अगस्त 2024 को 03:04 बजे * पूर्णिमा तिथि समाप्त - 19 अगस्त 2024 को 23:55 बजे * रक्षाबंधन भद्रा अंत समय - 13:30 * रक्षाबंधन भद्रा पूँछ - 09:51 से 10:53 * रक्षाबंधन भद्रा मुख - 10:53 से 12:37 * रक्षाबंध...

#Purnima आज का दिनः 18 अगस्त 2024, अन्वधान और इष्टि : भौतिक सुख और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करनेवाला पर्व!

Image
#Purnima  आज का दिनः  18 अगस्त 2024 ,  अन्वधान और इष्टि : भौतिक सुख और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करनेवाला पर्व! - प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी  (व्हाट्सएप- 8302755688) * अन्वाधान- 19 अगस्त 2024 * इष्टि- 20 अगस्त 2024 * धर्मधारणा के अनुसार- अन्वधान और इष्टि अनिवार्य पर्व हैं. * अन्वधान के दिन- एक दिन का उपवास रखा जाता हैं और इष्ट के दिन यज्ञ करते हैं. * इस दिन भगवान श्रीविष्णु के भक्त उनका आह्वान करते हैं और व्रत कर उनकी पूजा करते हैं. * धर्मग्रंथों में भगवान श्रीविष्णु का एक नाम यज्ञ है, इष्टि के दिन इन्हीं भगवान श्रीविष्णु के निमित्त यज्ञ किया जाता है. * इस दिन प्रातःकाल पवित्र स्नान आदि करके साफ, स्वच्छ, धुले हुए वस्त्र धारण करें पूजा का संकल्प करें. * भगवान श्रीविष्णु तथा श्रीलक्ष्मी की पूजा करें तथा श्रीविष्णु के महामंत्र- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, मंत्र से हवन करें. * यथाशक्ति दान-पुण्य करें. * यह पर्व भौतिक सुख और अध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करनेवाला है, दुर्भाग्य दूर करके समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करनेवाला है! # Sunday...

इतिहास में आज: 18 अगस्त....

Image
  इतिहास में आज: 18 अगस्त.... बांसवाड़ा की तकदीर बदलनेवाली माही परियोजना की परिकल्पना भूपेंद्रनाथ त्रिवेदी और नटवरलाल भट्ट की सरकार ने की थी! * दैनिक नवशोभ * भारत की आजादी के बाद 18 अगस्त 1948 को बांसवाड़ा रियासत का भारत में विलय हुआ था, आजादी के बाद बांसवाड़ा रियासत के भारत में विलय से पहले बनी पहली सरकार में भूपेंद्रनाथ त्रिवेदी पहले प्रधानमंत्री और नटवरलाल भट्ट पहले वित्तमंत्री बने थे, बांसवाड़ा की तस्वीर और तकदीर बदलनेवाली माही परियोजना की परिकल्पना भूपेंद्रनाथ त्रिवेदी और नटवरलाल भट्ट की सरकार ने की थी, तब इसका नाम- चंद्रसागर बांध था, बांसवाड़ा रियासत के भारत में विलय के बाद प्रमुख आदिवासी नेता राजस्थान के पूर्व मंत्री भीखाभाई के विशेष प्रयासों से 1960 में माही परियोजना की शुरूआत हुई, तो.... राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने इसे बुलंदियों पर पहुंचाया। * 1956 - बांसवाड़ा जिले का गठन 18 अगस्त 1956 को हुआ। * 1985 - 18 अगस्त 1985 को बांसवाड़ा में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हुई। * 2001 - 18 अगस्त 2001 को बांसवाड़ा में भूकंप के झटके महसूस किए गए। * 2013 - बांसवाड़ा में सूखा रा...

श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया (17 अगस्त 2024) इस प्रकार है....

Image
  #Pradosh  आज का दिनः  17 अगस्त 2024 ,  शनिवार  प्रदोष  व्रत से संतान सुख की प्राप्ति होती है! - प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी  (व्हाट्सएप- 8302755688) * प्रदोष व्रत - 17 अगस्त 2024, शनिवार (रात्रि 07:03 से 09:16) * त्रयोदशी प्रारम्भ - 08:05,  17 अगस्त 2024 * त्रयोदशी समाप्त - 05:51, 18 अगस्त 2024 * शिवकृपा प्राप्त करने के लिए हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर  प्रदोष  व्रत किया जाता है। * भोलेनाथ जब प्रसन्न होते हैं तो समस्त दोष समाप्त कर परम प्रसन्नता, परम सुख प्रदान करते हैं! *  प्रदोष  व्रत-पूजा बहुत ही सरल है क्योंकि भोलेनाथ एकमात्र देव हैं जो पवित्र मन से की गई पूजा से ही प्रसन्न हो जाते हैं। * शिवोपासना में दुर्लभ मंत्र और कीमती पूजा सामग्री की जरूरत नहीं है, सच्चे मन से... नमः: शिवाय का जाप करें और शिवलिंग पर सर्वसुलभ पवित्र जल चढ़ाएं।   * सुख का अहसास कराता है- शांत मन और दुख का कारण है- अशांत मन, शिवोपासना से तुरंत मानसिक शांति प्राप्त होती है। *  प्रदोष ...