#SankashtiChaturthi आज का दिनः 21 अगस्त 2024 जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा!

#SankashtiChaturthi आज का दिनः 21 अगस्त 2024
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा!
- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 8875863494)
* हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी - 22 अगस्त 2024
* संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 20:56
* चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 22 अगस्त 2024 को 13:46 बजे
* चतुर्थी तिथि समाप्त - 23 अगस्त 2024 को 10:38 बजे
* श्रीगणेश की शुभदृष्टि से समस्त कष्ट, नष्ट होते हैं और इसीलिए संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है.
* प्रतिमाह पूर्णिमा के पश्चात आने वाली कृष्णपक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी पुकारते हैं. संकट से मुक्ति मिलने को ही संकष्टी कहते हैं.* भगवान श्रीगणेश के भक्त संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास रखते हैं. * धर्मधारणा है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी तरह के विघ्नों से मुक्ति मिल जाती है.* श्रद्धालु संकष्टी चतुर्थी का कठोर व्रत करते हैं जिसमे केवल फलों, वनस्पति उत्पादों आदि का ही उपयोग किया जाता है. * श्रद्धालु चन्द्रमा के दर्शन करने के पश्चात व्रत खोलते हैं.
॥ श्री गणेशजी की आरती ॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
एकदन्त दयावन्त,चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे,मूसे की सवारी॥
पान चढ़े फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
अँधे को आँख देत,कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥
सूर श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
#Wednesday श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया : 21 अगस्त 2024
श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया 21 अगस्त 2024 इस प्रकार है....
* शक संवत 1946, विक्रम संवत 2081
* अमांत महीना श्रावण, पूर्णिमांत महीना भाद्रपद
* वार बुधवार, पक्ष कृष्ण, तिथि द्वितीया - 17:06 तक, नक्षत्र पूर्व भाद्रपद - 00:33, (22 अगस्त 2024) तक, योग सुकर्मा - 17:01 तक, करण तैतिल - 06:49 तक, द्वितीय करण गर - 17:06 तक, क्षय करण वणिज - 03:25, (22 अगस्त 2024) तक
* सूर्य राशि सिंह, चन्द्र राशि कुम्भ - 19:12 तक
* राहुकाल 12:35 से 14:11
* अभिजीत मुहूर्त - नहीं
बुधवार चौघड़िया 21 अगस्त 2024
* दिन का चौघड़िया
लाभ - 06:10 से 07:47
अमृत - 07:47 से 09:23
काल - 09:23 से 10:59
शुभ - 10:59 से 12:35
रोग - 12:35 से 14:11
उद्वेग - 14:11 से 15:47
चर - 15:47 से 17:24
लाभ - 17:24 से 19:00
* रात्रि का चौघड़िया
उद्वेग - 19:00 से 20:24
शुभ - 20:24 से 21:48
अमृत - 21:48 से 23:11
चर - 23:11 से 00:35
रोग - 00:35 से 01:59
काल - 01:59 से 03:23
लाभ - 03:23 से 04:47
उद्वेग - 04:47 से 06:11
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का दिन....
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प्रीति पांड्या सीसीआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सेल्वराज एम कार्यवाहक अध्यक्ष, बाजार व्यवस्था की चुनौतियों के लिए तैयार उपभोक्ता!
अहमदाबाद. देश के उपभोक्ता संगठनों की सशक्त एवं संयुक्त पहल भारतीय उपभोक्ता परिसंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन एवं राष्ट्रीय प्रतिनिधि सभा की बैठक अंबाजी में शुक्रवार को संपन्न हुई जिसमें आगामी समय में बाजार व्यवस्था में उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों पर मंथन किया गया तथा कानूनी प्रक्रियाओं की प्रभावी जानकारी देकर उपभोक्ताओं को सजग बनाने के लिए सतत प्रयास का संकल्प दोहराया गया l इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता आंदोलनकारी, आई कैन के अध्यक्ष एवं परिसंघ के राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक डॉ. अनंत शर्मा ने कहा कि बाजार व्यवस्था की सभी चुनौतियों के लिए कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत उपभोक्ता को जागरूक व सजग बनाने का प्रयास किया जाएगा ताकि वह शोषण का शिकार ना हो, इस बाबत संगठन स्तर पर सतत आयोजन किए जाएंगे l डॉ शर्मा ने कहा कि देश में उपभोक्ता हित संरक्षण के लिए संगठनों की ओर से नियमित रूप से प्रभावी पहल की जा रही है और कार्यक्रमों के प्रभावी आयोजन के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया जा रहा हैl उन्होंने कहा कि संगठन प्रतिनिधि सक्षम मंचों पर उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों को उठाकर समस्याओं के समाधान हेतु भी प्रयास कर रहे हैंl उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण को लेकर भावी समय में आने वाली चुनौतियों और बाजार व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की चर्चा करते हुए उपभोक्ता संगठन प्रतिनिधियों से उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने के लिए तैयार रहने का आव्हान किया l इस मौके पर संपन्न राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्वाचन में प्रीति पडया अध्यक्ष एवं सेल्वराज एम कार्यवाहक अध्यक्ष चुने गए l निवर्तमान अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार संरक्षक होंगे l
- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 8875863494)
* हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी - 22 अगस्त 2024
* संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 20:56
* चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 22 अगस्त 2024 को 13:46 बजे
* चतुर्थी तिथि समाप्त - 23 अगस्त 2024 को 10:38 बजे
* संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 20:56
* चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 22 अगस्त 2024 को 13:46 बजे
* चतुर्थी तिथि समाप्त - 23 अगस्त 2024 को 10:38 बजे
* श्रीगणेश की शुभदृष्टि से समस्त कष्ट, नष्ट होते हैं और इसीलिए संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है.
* प्रतिमाह पूर्णिमा के पश्चात आने वाली कृष्णपक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी पुकारते हैं. संकट से मुक्ति मिलने को ही संकष्टी कहते हैं.
* भगवान श्रीगणेश के भक्त संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास रखते हैं.
* धर्मधारणा है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी तरह के विघ्नों से मुक्ति मिल जाती है.
* श्रद्धालु संकष्टी चतुर्थी का कठोर व्रत करते हैं जिसमे केवल फलों, वनस्पति उत्पादों आदि का ही उपयोग किया जाता है.
* श्रद्धालु चन्द्रमा के दर्शन करने के पश्चात व्रत खोलते हैं.
॥ श्री गणेशजी की आरती ॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
एकदन्त दयावन्त,चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे,मूसे की सवारी॥
पान चढ़े फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
अँधे को आँख देत,कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥
सूर श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
एकदन्त दयावन्त,चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे,मूसे की सवारी॥
पान चढ़े फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
अँधे को आँख देत,कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥
सूर श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
#Wednesday श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया : 21 अगस्त 2024
श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया 21 अगस्त 2024 इस प्रकार है....
* अमांत महीना श्रावण, पूर्णिमांत महीना भाद्रपद
* वार बुधवार, पक्ष कृष्ण, तिथि द्वितीया - 17:06 तक, नक्षत्र पूर्व भाद्रपद - 00:33, (22 अगस्त 2024) तक, योग सुकर्मा - 17:01 तक, करण तैतिल - 06:49 तक, द्वितीय करण गर - 17:06 तक, क्षय करण वणिज - 03:25, (22 अगस्त 2024) तक
* सूर्य राशि सिंह, चन्द्र राशि कुम्भ - 19:12 तक
* राहुकाल 12:35 से 14:11
* अभिजीत मुहूर्त - नहीं
बुधवार चौघड़िया 21 अगस्त 2024
* दिन का चौघड़िया
लाभ - 06:10 से 07:47
अमृत - 07:47 से 09:23
काल - 09:23 से 10:59
शुभ - 10:59 से 12:35
रोग - 12:35 से 14:11
उद्वेग - 14:11 से 15:47
चर - 15:47 से 17:24
लाभ - 17:24 से 19:00
लाभ - 06:10 से 07:47
अमृत - 07:47 से 09:23
काल - 09:23 से 10:59
शुभ - 10:59 से 12:35
रोग - 12:35 से 14:11
उद्वेग - 14:11 से 15:47
चर - 15:47 से 17:24
लाभ - 17:24 से 19:00
* रात्रि का चौघड़िया
उद्वेग - 19:00 से 20:24
शुभ - 20:24 से 21:48
अमृत - 21:48 से 23:11
चर - 23:11 से 00:35
रोग - 00:35 से 01:59
काल - 01:59 से 03:23
लाभ - 03:23 से 04:47
उद्वेग - 04:47 से 06:11
शुभ - 20:24 से 21:48
अमृत - 21:48 से 23:11
चर - 23:11 से 00:35
रोग - 00:35 से 01:59
काल - 01:59 से 03:23
लाभ - 03:23 से 04:47
उद्वेग - 04:47 से 06:11
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का दिन....
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प्रीति पांड्या सीसीआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सेल्वराज एम कार्यवाहक अध्यक्ष, बाजार व्यवस्था की चुनौतियों के लिए तैयार उपभोक्ता!
अहमदाबाद. देश के उपभोक्ता संगठनों की सशक्त एवं संयुक्त पहल भारतीय उपभोक्ता परिसंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन एवं राष्ट्रीय प्रतिनिधि सभा की बैठक अंबाजी में शुक्रवार को संपन्न हुई जिसमें आगामी समय में बाजार व्यवस्था में उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों पर मंथन किया गया तथा कानूनी प्रक्रियाओं की प्रभावी जानकारी देकर उपभोक्ताओं को सजग बनाने के लिए सतत प्रयास का संकल्प दोहराया गया l इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता आंदोलनकारी, आई कैन के अध्यक्ष एवं परिसंघ के राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक डॉ. अनंत शर्मा ने कहा कि बाजार व्यवस्था की सभी चुनौतियों के लिए कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत उपभोक्ता को जागरूक व सजग बनाने का प्रयास किया जाएगा ताकि वह शोषण का शिकार ना हो, इस बाबत संगठन स्तर पर सतत आयोजन किए जाएंगे l डॉ शर्मा ने कहा कि देश में उपभोक्ता हित संरक्षण के लिए संगठनों की ओर से नियमित रूप से प्रभावी पहल की जा रही है और कार्यक्रमों के प्रभावी आयोजन के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया जा रहा हैl उन्होंने कहा कि संगठन प्रतिनिधि सक्षम मंचों पर उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों को उठाकर समस्याओं के समाधान हेतु भी प्रयास कर रहे हैंl उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण को लेकर भावी समय में आने वाली चुनौतियों और बाजार व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की चर्चा करते हुए उपभोक्ता संगठन प्रतिनिधियों से उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने के लिए तैयार रहने का आव्हान किया l
इस मौके पर संपन्न राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्वाचन में प्रीति पडया अध्यक्ष एवं सेल्वराज एम कार्यवाहक अध्यक्ष चुने गए l निवर्तमान अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार संरक्षक होंगे l



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