श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग : 6 अगस्त 2024....

 

#MangalaGauri आज का दिनः 6 अगस्त 2024घर-परिवार के शुभ-मंगल के लिए मंगला गौरी व्रत! 

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 8875863494)
मंगला गौरी व्रत - 6 अगस्त 2024, मंगलवार
* भगवान भोलेनाथ और माता गौरी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रावण माह में व्रत उत्तम माने गए हैं. 
* इस दौरान हर मंगलवार के दिन सुहागन महिलाएं अपने दाम्पत्य जीवन को सुखद बनाये रखने के लिए मंगला गौरी का व्रत-पूजन करती हैं. 

* देवी मङ्गला गौरी की अष्टोत्तर शतनामावली....

ॐ श्री गौर्यै नमः। ॐ गणेशजनन्यै नमः। ॐ गिरिराजतनूद्भवायै नमः। ॐ गुहाम्बिकायै नमः।
ॐ जगन्मात्रे नमः। ॐ गंगाधरकुटुंबिन्यै नमः। ॐ वीरभद्रप्रसुवे नमः। ॐ विश्वव्यापिन्यै नमः। ॐ विश्वरूपिण्यै नमः। ॐ अष्टमूर्त्यात्मिकायै नमः। ॐ कष्टदारिद्र्यशमन्यै नमः। ॐ शिवायै नमः। ॐ शांभव्यै नमः। ॐ शंकर्यै नमः। ॐ बालायै नमः। ॐ भवान्यै नमः। ॐ भद्रदायिन्यै नमः। ॐ माङ्गल्यदायिन्यै नमः। ॐ सर्वमङ्गलायै नमः। ॐ मञ्जुभाषिण्यै नमः। ॐ महेश्वर्यै नमः। ॐ महामायायै नमः। ॐ मन्त्राराध्यायै नमः। ॐ महाबलायै नमः। ॐ हेमाद्रिजायै नमः। ॐ हैमवत्यै नमः। ॐ पार्वत्यै नमः। ॐ पापनाशिन्यै नमः। ॐ नारायणांशजायै नमः। ॐ नित्यायै नमः। ॐ निरीशायै नमः। ॐ निर्मलायै नमः। ॐ अम्बिकायै नमः। ॐ मृडान्यै नमः। ॐ मुनिसंसेव्यायै नमः। ॐ मानिन्यै नमः। ॐ मेनकात्मजायै नमः। ॐ कुमार्यै नमः। ॐ कन्यकायै नमः। ॐ दुर्गायै नमः। ॐ कलिदोषनिषूदिन्यै नमः। ॐ कात्यायिन्यै नमः। ॐ कृपापूर्णायै नमः। ॐ कल्याण्यै नमः। ॐ कमलार्चितायै नमः। ॐ सत्यै नमः। ॐ सर्वमय्यै नमः। ॐ सौभाग्यदायै नमः। ॐ सरस्वत्यै नमः। ॐ अमलायै नमः। ॐ अमरसंसेव्यायै नमः। ॐ अन्नपूर्णायै नमः। ॐ अमृतेश्वर्यै नमः। ॐ अखिलागमसंस्तुतायै नमः। ॐ सुखसच्चित्सुधारसायै नमः। ॐ बाल्याराधितभूतेशायै नमः। ॐ भानुकोटिसमद्युतये नमः। ॐ हिरण्मय्यै नमः। ॐ परायै नमः। ॐ सूक्ष्मायै नमः। ॐ शीतांशुकृतशेखरायै नमः। ॐ हरिद्राकुंकुमाराध्यायै नमः। ॐ सर्वकालसुमङ्गल्यै नमः। ॐ सर्वभोगप्रदायै नमः। ॐ सामशिखायै नमः। ॐ वेदन्तलक्षणायै नमः। ॐ कर्मब्रह्ममय्यै नमः। ॐ कामकलनायै नमः। ॐ कांक्षितार्थदायै नमः। ॐ चन्द्रार्कायितताटङ्कायै नमः। ॐ चिदंबरशरीरिण्यै नमः। ॐ श्रीचक्रवासिन्यै नमः। ॐ देव्यै नमः। ॐ कामेश्वरपत्न्यै नमः। ॐ कमलायै नमः। ॐ मारारातिप्रियार्धांग्यै नमः। ॐ मार्कण्डेयवरप्रदायै नमः। ॐ पुत्रपौत्रवरप्रदायै नमः। ॐ पुण्यायै नमः। ॐ पुरुषार्थप्रदायिन्यै नमः। ॐ सत्यधर्मरतायै नमः। ॐ सर्वसाक्षिण्यै नमः। ॐ शतशांगरूपिण्यै नमः। ॐ श्यामलायै नमः। ॐ बगलायै नमः। ॐ चण्ड्यै नमः। ॐ मातृकायै नमः। ॐ भगमालिन्यै नमः। ॐ शूलिन्यै नमः। ॐ विरजायै नमः। ॐ स्वाहायै नमः। ॐ स्वधायै नमः। ॐ प्रत्यंगिराम्बिकायै नमः। ॐ आर्यायै नमः। ॐ दाक्षायिण्यै नमः। ॐ दीक्षायै नमः। ॐ सर्ववस्तूत्तमोत्तमायै नमः। ॐ शिवाभिधानायै नमः। ॐ श्रीविद्यायै नमः। ॐ प्रणवार्थस्वरूपिण्यै नमः। ॐ ह्र्रींकार्यै नमः।। ॐ नादरूपायै नमः। ॐ त्रिपुरायै नमः। ॐ त्रिगुणायै नमः। ॐ ईश्वर्यै नमः। ॐ सुन्दर्यै नमः। ॐ स्वर्णगौर्यै नमः। ॐ षोडशाक्षरदेवतायै नमः।

श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग : 6 अगस्त 2024

* सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 19:11
* चन्द्रोदय 07:30, चन्द्रास्त 20:34
* शक सम्वत 1946, विक्रम सम्वत 2081
* अमान्त महीना श्रावण, पूर्णिमान्त महीना श्रावण
* वार मंगलवार, पक्ष शुक्ल, तिथि द्वितीया - 19:52 तक, नक्षत्र मघा - 17:44 तक, योग वरीयान् - 11:00 तक, करण बालव - 06:54 तक, द्वितीय करण कौलव - 19:52 तक
* सूर्य राशि कर्क, चन्द्र राशि सिंह
* राहुकाल 15:55 से 17:33
* अभिजित मुहूर्त 12:12 से 13:04

मंगलवार चौघड़िया-  6 अगस्त 2024

* दिन का चौघड़िया
रोग - 06:04 से 07:43
उद्वेग - 07:43 से 09:21
चर - 09:21 से 11:00
लाभ - 11:00 से 12:38
अमृत - 12:38 से 14:16
काल - 14:16 से 15:55
शुभ - 15:55 से 17:33
रोग - 17:33 से 19:11 

* रात्रि का चौघड़िया
काल - 19:11 से 20:33
लाभ - 20:33 से 21:55
उद्वेग - 21:55 से 23:16
शुभ - 23:16 से 00:38
अमृत - 00:38 से 02:00
चर - 02:00 से 03:21
रोग - 03:21 से 04:43
काल - 04:43 से 06:05 

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

श्री पीताम्बरा आश्रम में सिद्ध गणपति-महालक्ष्मी अनुष्ठान 

* श्रीविद्या साधना के प्राचीन विधान से श्रीयंत्रार्चन एवं विभिन्न प्रयोग हुए
* साधकों एवं साधिकाओं को क्रियात्मक प्रशिक्षण भी दिया गया
बांसवाड़ा. गायत्री मण्डल बांसवाड़ा द्वारा स्थापित श्री पीताम्बरा आश्रम में सिद्ध गणपति-महालक्ष्मी अनुष्ठान श्री विद्या साधना परिषद के संयोजक पं. आशीष पण्ड्या(पिण्डारमा) के आचार्यत्व में हुआ। इसमें यज्ञ पूर्णाहुति एवं आरती विधान आश्रम के मुख्य साधक पं. चन्द्रेश व्यास एवं मुख्य साधिका पुष्पा व्यास ने पूर्ण किया।
इस अवसर पर विनायक, भैरव एवं हनुमान पूजा, रूद्रार्चन, श्री ललिता सहस्रनाम श्रीसूक्त एवं कनकधारा स्तोत्र आदि से श्री यंत्र पर पूजन, अर्चन एवं तर्पण सहित श्रीविद्या के प्राचीन प्रयोग, महालक्ष्मी आवरण पूजा, 1008 कमलगट्टा से महालक्ष्मी हवन, दारिद्रय दहन प्रयोग, नियमित हनुमान, गायत्री यज्ञ, विभिन्न देवी-देवताओं के सामूहिक जप, श्री विष्णु सहस्रनाम आदि अनुष्ठान हुए तथा उपस्थित साधक-साधिकाओं को इन सभी प्रयोगों का क्रियात्मक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
यज्ञ एवं अनुष्ठान प्रयोगों में पं. सुशील त्रिवेदी, पं. मधुसूदन व्यास, पं. रमेश रेवाशंकर भट्ट, पं. अरुण व्यास, पं. मनोज नरहरि भट्ट, पं. अनिल एनएच भट्ट, पं. गिरीश जोशी ‘रामायणी’ आदि ने हिस्सा लिया और वैदिक ऋचाओं एवं पौराणिक मंत्रों तथा विभिन्न दैवीय एवं दिव्य द्रव्यों व समिधाओं से विभिन्न विधानों को पूर्ण किया।
यज्ञ पूर्णाहुति के उपरान्त सामूहिक आरती एवं पुष्पान्जलि विधान, क्षमापन आराधना एवं श्री भगवन्नाम संकीर्तन आदि में गायत्री मण्डल के सचिव पं. विनोद शुक्ल सहित अन्य पदाधिकारियों, प्राच्यविद्याविद् पं. राकेश शुक्ल, पं. अनन्त जोशी, कन्हैयालाल जोशी, पं. ओमप्रकाश व्यास, वनिता शुक्ल, शीला व्यास, मंजुला शुक्ल, दिव्यबाला जोशी, पं. अजय अधिकारी, लोकेश व्यास, दीक्षा व्यास आदि श्रृद्धालुओं ने हिस्सा लिया।





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