श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया : 15 अगस्त 2024, पुत्रदा एकादशी!


#Ekadashi आज का दिनः 15 अगस्त 2024, जो श्रद्धालु एकादशी व्रत रखते हैं, उन्हें दशमी को एक बार भोजन करना चाहिए!  
- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 8302755688)
* श्रावण पुत्रदा एकादशी - शुक्रवार, 16 अगस्त 2024
* श्रावण पुत्रदा एकादशी पारण समय - 06:09 से 08:05, 17 अगस्त 2024
* पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 08:05, 17 अगस्त 2024
* एकादशी तिथि प्रारम्भ - 15 अगस्त 2024 को 10:26 बजे
* एकादशी तिथि समाप्त - 16 अगस्त 2024 को 09:39 बजे

अच्युतम केशवम रामनारायणम, कृष्ण दामोदरम् वासुदेवम् हरे।
श्रीधरम् माधवम् गोपिकावल्लभम, जानकी नायकम श्रीरामचन्द्रम् भजे।।
* जीवन में कामयाबी के लिए नियमित रूप से विष्णुदेव की पूजा करें.
* धर्मग्रंथों में... जीवन में सुख के लिए एकादशी व्रत-पूजा को उत्तम मार्ग बताया है।
* जो श्रद्धालु यह व्रत रखना चाहते हैं, उन्हें दशमी को एक बार भोजन करना चाहिए।
* एकादशी के दिन पवित्र स्नानादि के पश्चात गंगा जल, तुलसी दल, तिल, फूल, पंचामृत आदि से भगवान नारायण की पूजा करनी चाहिए।
* इस व्रत में व्रत रखने वाले श्रद्धालु को यथासंभव बिना जल के रहना चाहिए।
* अगर व्रती श्रद्धालु चाहें तो संध्याकाल में दीपदान के पश्चात फलाहार ग्रहण कर सकते हैं।
* क्योंकि सुख के लिए यह व्रत है इसलिए यथासंभव पति-पत्नी, दोनों को व्रत रखना चाहिए।  

#Thursday श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया : 15 अगस्त 2024

श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया 15 अगस्त 2024 इस प्रकार है....
* शक संवत 1946, विक्रम संवत 2081
* अमांत महीना श्रावण, पूर्णिमांत महीना श्रावण
* वार गुरुवार, पक्ष शुक्ल, तिथि दशमी - 10:26 तक, नक्षत्र ज्येष्ठा - 12:53 तक, योग वैधृति - 14:59 तक, करण गर - 10:26 तक, द्वितीय करण वणिज - 22:09 तक
* सूर्य राशि कर्क, चन्द्र राशि वृश्चिक - 12:53 तक
* राहुकाल 14:14 से 15:51
* अभिजीत मुहूर्त 12:11 से 13:02

गुरुवार चौघड़िया : 15 अगस्त 2024.... 

* दिन का चौघड़िया
शुभ - 06:08 से 07:45
रोग - 07:45 से 09:22
उद्वेग - 09:22 से 10:59
चर - 10:59 से 12:36
लाभ - 12:36 से 14:14
अमृत - 14:14 से 15:51
काल - 15:51 से 17:28
शुभ - 17:28 से 19:05

* रात्रि का चौघड़िया
अमृत - 19:05 से 20:28
चर - 20:28 से 21:51
रोग - 21:51 से 23:14
काल - 23:14 से 00:37
लाभ - 00:37 से 02:00
उद्वेग - 02:00 से 03:23
शुभ - 03:23 से 04:46
अमृत - 04:46 से 06:08 

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

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