#MangalaGauri आज का दिनः 29 जुलाई 2024, घर-परिवार के शुभ-मंगल के लिए मंगला गौरी व्रत!
- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 8875863494)
* पूर्णिमान्त मंगला गौरी व्रत - 30 जुलाई 2024
* भगवान भोलेनाथ और माता गौरी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रावण माह में व्रत उत्तम माने गए हैं.
* इस दौरान हर मंगलवार के दिन सुहागन महिलाएं अपने दाम्पत्य जीवन को सुखद बनाये रखने के लिए मंगला गौरी का व्रत-पूजन करती हैं.
* देवी मङ्गला गौरी की अष्टोत्तर शतनामावली....
ॐ श्री गौर्यै नमः। ॐ गणेशजनन्यै नमः। ॐ गिरिराजतनूद्भवायै नमः। ॐ गुहाम्बिकायै नमः।
ॐ जगन्मात्रे नमः। ॐ गंगाधरकुटुंबिन्यै नमः। ॐ वीरभद्रप्रसुवे नमः। ॐ विश्वव्यापिन्यै नमः। ॐ विश्वरूपिण्यै नमः। ॐ अष्टमूर्त्यात्मिकायै नमः। ॐ कष्टदारिद्र्यशमन्यै नमः। ॐ शिवायै नमः। ॐ शांभव्यै नमः। ॐ शंकर्यै नमः। ॐ बालायै नमः। ॐ भवान्यै नमः। ॐ भद्रदायिन्यै नमः। ॐ माङ्गल्यदायिन्यै नमः। ॐ सर्वमङ्गलायै नमः। ॐ मञ्जुभाषिण्यै नमः। ॐ महेश्वर्यै नमः। ॐ महामायायै नमः। ॐ मन्त्राराध्यायै नमः। ॐ महाबलायै नमः। ॐ हेमाद्रिजायै नमः। ॐ हैमवत्यै नमः। ॐ पार्वत्यै नमः। ॐ पापनाशिन्यै नमः। ॐ नारायणांशजायै नमः। ॐ नित्यायै नमः। ॐ निरीशायै नमः। ॐ निर्मलायै नमः। ॐ अम्बिकायै नमः। ॐ मृडान्यै नमः। ॐ मुनिसंसेव्यायै नमः। ॐ मानिन्यै नमः। ॐ मेनकात्मजायै नमः। ॐ कुमार्यै नमः। ॐ कन्यकायै नमः। ॐ दुर्गायै नमः। ॐ कलिदोषनिषूदिन्यै नमः। ॐ कात्यायिन्यै नमः। ॐ कृपापूर्णायै नमः। ॐ कल्याण्यै नमः। ॐ कमलार्चितायै नमः। ॐ सत्यै नमः। ॐ सर्वमय्यै नमः। ॐ सौभाग्यदायै नमः। ॐ सरस्वत्यै नमः। ॐ अमलायै नमः। ॐ अमरसंसेव्यायै नमः। ॐ अन्नपूर्णायै नमः। ॐ अमृतेश्वर्यै नमः। ॐ अखिलागमसंस्तुतायै नमः। ॐ सुखसच्चित्सुधारसायै नमः। ॐ बाल्याराधितभूतेशायै नमः। ॐ भानुकोटिसमद्युतये नमः। ॐ हिरण्मय्यै नमः। ॐ परायै नमः। ॐ सूक्ष्मायै नमः। ॐ शीतांशुकृतशेखरायै नमः। ॐ हरिद्राकुंकुमाराध्यायै नमः। ॐ सर्वकालसुमङ्गल्यै नमः। ॐ सर्वभोगप्रदायै नमः। ॐ सामशिखायै नमः। ॐ वेदन्तलक्षणायै नमः। ॐ कर्मब्रह्ममय्यै नमः। ॐ कामकलनायै नमः। ॐ कांक्षितार्थदायै नमः। ॐ चन्द्रार्कायितताटङ्कायै नमः। ॐ चिदंबरशरीरिण्यै नमः। ॐ श्रीचक्रवासिन्यै नमः। ॐ देव्यै नमः। ॐ कामेश्वरपत्न्यै नमः। ॐ कमलायै नमः। ॐ मारारातिप्रियार्धांग्यै नमः। ॐ मार्कण्डेयवरप्रदायै नमः। ॐ पुत्रपौत्रवरप्रदायै नमः। ॐ पुण्यायै नमः। ॐ पुरुषार्थप्रदायिन्यै नमः। ॐ सत्यधर्मरतायै नमः। ॐ सर्वसाक्षिण्यै नमः। ॐ शतशांगरूपिण्यै नमः। ॐ श्यामलायै नमः। ॐ बगलायै नमः। ॐ चण्ड्यै नमः। ॐ मातृकायै नमः। ॐ भगमालिन्यै नमः। ॐ शूलिन्यै नमः। ॐ विरजायै नमः। ॐ स्वाहायै नमः। ॐ स्वधायै नमः। ॐ प्रत्यंगिराम्बिकायै नमः। ॐ आर्यायै नमः। ॐ दाक्षायिण्यै नमः। ॐ दीक्षायै नमः। ॐ सर्ववस्तूत्तमोत्तमायै नमः। ॐ शिवाभिधानायै नमः। ॐ श्रीविद्यायै नमः। ॐ प्रणवार्थस्वरूपिण्यै नमः। ॐ ह्र्रींकार्यै नमः।। ॐ नादरूपायै नमः। ॐ त्रिपुरायै नमः। ॐ त्रिगुणायै नमः। ॐ ईश्वर्यै नमः। ॐ सुन्दर्यै नमः। ॐ स्वर्णगौर्यै नमः। ॐ षोडशाक्षरदेवतायै नमः।
ॐ श्री गौर्यै नमः। ॐ गणेशजनन्यै नमः। ॐ गिरिराजतनूद्भवायै नमः। ॐ गुहाम्बिकायै नमः।
ॐ जगन्मात्रे नमः। ॐ गंगाधरकुटुंबिन्यै नमः। ॐ वीरभद्रप्रसुवे नमः। ॐ विश्वव्यापिन्यै नमः। ॐ विश्वरूपिण्यै नमः। ॐ अष्टमूर्त्यात्मिकायै नमः। ॐ कष्टदारिद्र्यशमन्यै नमः। ॐ शिवायै नमः। ॐ शांभव्यै नमः। ॐ शंकर्यै नमः। ॐ बालायै नमः। ॐ भवान्यै नमः। ॐ भद्रदायिन्यै नमः। ॐ माङ्गल्यदायिन्यै नमः। ॐ सर्वमङ्गलायै नमः। ॐ मञ्जुभाषिण्यै नमः। ॐ महेश्वर्यै नमः। ॐ महामायायै नमः। ॐ मन्त्राराध्यायै नमः। ॐ महाबलायै नमः। ॐ हेमाद्रिजायै नमः। ॐ हैमवत्यै नमः। ॐ पार्वत्यै नमः। ॐ पापनाशिन्यै नमः। ॐ नारायणांशजायै नमः। ॐ नित्यायै नमः। ॐ निरीशायै नमः। ॐ निर्मलायै नमः। ॐ अम्बिकायै नमः। ॐ मृडान्यै नमः। ॐ मुनिसंसेव्यायै नमः। ॐ मानिन्यै नमः। ॐ मेनकात्मजायै नमः। ॐ कुमार्यै नमः। ॐ कन्यकायै नमः। ॐ दुर्गायै नमः। ॐ कलिदोषनिषूदिन्यै नमः। ॐ कात्यायिन्यै नमः। ॐ कृपापूर्णायै नमः। ॐ कल्याण्यै नमः। ॐ कमलार्चितायै नमः। ॐ सत्यै नमः। ॐ सर्वमय्यै नमः। ॐ सौभाग्यदायै नमः। ॐ सरस्वत्यै नमः। ॐ अमलायै नमः। ॐ अमरसंसेव्यायै नमः। ॐ अन्नपूर्णायै नमः। ॐ अमृतेश्वर्यै नमः। ॐ अखिलागमसंस्तुतायै नमः। ॐ सुखसच्चित्सुधारसायै नमः। ॐ बाल्याराधितभूतेशायै नमः। ॐ भानुकोटिसमद्युतये नमः। ॐ हिरण्मय्यै नमः। ॐ परायै नमः। ॐ सूक्ष्मायै नमः। ॐ शीतांशुकृतशेखरायै नमः। ॐ हरिद्राकुंकुमाराध्यायै नमः। ॐ सर्वकालसुमङ्गल्यै नमः। ॐ सर्वभोगप्रदायै नमः। ॐ सामशिखायै नमः। ॐ वेदन्तलक्षणायै नमः। ॐ कर्मब्रह्ममय्यै नमः। ॐ कामकलनायै नमः। ॐ कांक्षितार्थदायै नमः। ॐ चन्द्रार्कायितताटङ्कायै नमः। ॐ चिदंबरशरीरिण्यै नमः। ॐ श्रीचक्रवासिन्यै नमः। ॐ देव्यै नमः। ॐ कामेश्वरपत्न्यै नमः। ॐ कमलायै नमः। ॐ मारारातिप्रियार्धांग्यै नमः। ॐ मार्कण्डेयवरप्रदायै नमः। ॐ पुत्रपौत्रवरप्रदायै नमः। ॐ पुण्यायै नमः। ॐ पुरुषार्थप्रदायिन्यै नमः। ॐ सत्यधर्मरतायै नमः। ॐ सर्वसाक्षिण्यै नमः। ॐ शतशांगरूपिण्यै नमः। ॐ श्यामलायै नमः। ॐ बगलायै नमः। ॐ चण्ड्यै नमः। ॐ मातृकायै नमः। ॐ भगमालिन्यै नमः। ॐ शूलिन्यै नमः। ॐ विरजायै नमः। ॐ स्वाहायै नमः। ॐ स्वधायै नमः। ॐ प्रत्यंगिराम्बिकायै नमः। ॐ आर्यायै नमः। ॐ दाक्षायिण्यै नमः। ॐ दीक्षायै नमः। ॐ सर्ववस्तूत्तमोत्तमायै नमः। ॐ शिवाभिधानायै नमः। ॐ श्रीविद्यायै नमः। ॐ प्रणवार्थस्वरूपिण्यै नमः। ॐ ह्र्रींकार्यै नमः।। ॐ नादरूपायै नमः। ॐ त्रिपुरायै नमः। ॐ त्रिगुणायै नमः। ॐ ईश्वर्यै नमः। ॐ सुन्दर्यै नमः। ॐ स्वर्णगौर्यै नमः। ॐ षोडशाक्षरदेवतायै नमः।
श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग : 29 जुलाई 2024
* सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 19:16
* चन्द्रोदय 00:59, (30 जुलाई 2024) चन्द्रास्त 14:00
* शक सम्वत 1946, विक्रम सम्वत 2081
* अमान्त महीना आषाढ़, पूर्णिमान्त महीना श्रावण
* वार सोमवार, पक्ष कृष्ण, तिथि नवमी - 17:55 तक, नक्षत्र भरणी - 10:55 तक, योग गण्ड - 17:55 तक, करण तैतिल - 06:39 तक, द्वितीय करण गर - 17:55 तक, क्षय करण वणिज - 05:17, (30 जुलाई 2024) तक
* सूर्य राशि कर्क, चन्द्र राशि मेष - 16:45 तक
* राहुकाल 07:40 से 09:20
* अभिजित मुहूर्त 12:12 से 13:05
* चन्द्रोदय 00:59, (30 जुलाई 2024) चन्द्रास्त 14:00
* शक सम्वत 1946, विक्रम सम्वत 2081
* अमान्त महीना आषाढ़, पूर्णिमान्त महीना श्रावण
* वार सोमवार, पक्ष कृष्ण, तिथि नवमी - 17:55 तक, नक्षत्र भरणी - 10:55 तक, योग गण्ड - 17:55 तक, करण तैतिल - 06:39 तक, द्वितीय करण गर - 17:55 तक, क्षय करण वणिज - 05:17, (30 जुलाई 2024) तक
* सूर्य राशि कर्क, चन्द्र राशि मेष - 16:45 तक
* राहुकाल 07:40 से 09:20
* अभिजित मुहूर्त 12:12 से 13:05
सोमवार चौघड़िया- 29 जुलाई 2024
* दिन का चौघड़िया
अमृत - 06:01 से 07:40
काल - 07:40 से 09:20
शुभ - 09:20 से 10:59
रोग - 10:59 से 12:39
उद्वेग - 12:39 से 14:18
चर - 14:18 से 15:57
लाभ - 15:57 से 17:37
अमृत - 17:37 से 19:16
काल - 07:40 से 09:20
शुभ - 09:20 से 10:59
रोग - 10:59 से 12:39
उद्वेग - 12:39 से 14:18
चर - 14:18 से 15:57
लाभ - 15:57 से 17:37
अमृत - 17:37 से 19:16
* रात्रि का चौघड़िया
चर - 19:16 से 20:37रोग - 20:37 से 21:57
काल - 21:57 से 23:18
लाभ - 23:18 से 00:39
उद्वेग - 00:39 से 01:59
शुभ - 01:59 से 03:20
अमृत - 03:20 से 04:41
चर - 04:41 से 06:01
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
द्वारिकाधीश गोशाला में सवा लक्ष पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन 5 अगस्त से....
तलवाड़ा (व्हाट्सएप- 9784366889). कस्बे के त्रिपुरा सुंदरी मार्ग पर स्थित श्री द्वारिकाधीश गोधाम वृंदावन में पूरे श्रावण मास पर्यंत सवा लक्ष पार्थेश्वर शिवलिंग चिंतामणि प्रयोग का आयोजन 5 अगस्त 2024 से किया जाएगा। पार्थिव नवग्रह यंत्र पूजन एवं रुद्राभिषेक नित्य प्रातः नौ बजे से प्रारंभ किया जाएगा।
संत रघुवीरदास महाराज ने श्रावण मास में पार्थेश्वर शिवलिंग के पूजन पर महत्व बताते हुए कहा कि पार्थेश्वर चिंतामणि प्रयोग हमारे सनातन धर्म का विशेष अनुष्ठान माना जाता है, जैसे पांच तत्वों से मिलकर हमारा शरीर बना है, उन पांच तत्वों से भगवान शंकर की उपासना करना, यही पार्थेश्वर चिंतामणि प्रयोग है, इसमें मिट्टी के शिवलिंग, जिसमें मिट्टी में सुगंधित द्रव्य चंदन इत्र आदि मिलाकर शिवलिंग की आकृति प्रदान करते हैं।
सतयुग में रत्न के शिवलिंग की पूजा होती थी, जैसे हीरा माणिक्य मोती आदि के शिवलिंग, उसके बाद त्रेता युग आया तो त्रेता युग में स्वर्ण शिवलिंग की महिमा कही गई और इसी तरह द्वापर युग में पारद के शिवलिंग की पूजा की जाती थी, परंतु कलयुग में पार्थेश्वर शिव पूजा से सभी प्रकार के शिवलिंगों की पूजा मानी जाती है। एक पार्थेश्वर शिवलिंग निर्माण कर उसकी पूजा करने से द्वादश ज्योतिलिंग पर रुद्राभिषेक करने का फल प्राप्त होता है। यह अनुष्ठान सभी प्रकार के संकट, रोगों का नाश करने वाला तथा तुष्टि पुष्टि आयु आदि की वृद्धि करने वाला है।
पूरे श्रावण महीने में होने जा रहे इस अनुष्ठान में नित्य एक से दो घंटा प्रतिदिन भक्ति भावना और उत्साह के साथ गोधाम में उपस्थित होकर शिवलिंग निर्माण कर पूजा का लाभ लेने से भगवान महादेव श्रावण मास में विशेष वरदायक कहे जाते हैं।
एस्ट्रोम्यूजिक! परोपकारी मन की खटास खत्म करने के लिए सूर्योदय के समय सुनें- मधुबन खुशबू देता है….
ज्योतिर्संगीत (व्हाट्सएप- 8875863494)
परोपकार ऐसा गुण है, जो इंसान को देवत्व की ओर ले जाता है, लेकिन कई बार परोपकार के सापेक्ष अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने सेे व्यक्ति के मन में खटास आ जाती है, इस खटास को खत्म करने के लिए, दिन के प्रथम प्रहर, मतलब…. सूर्योदय के समय लगभग तीन घंटे, में राग अहीर भैरव पर आधारित प्रेरक गीत- मधुबन खुशबू देता है…. सुनें!
मधुबन खुशबू देता है….
फिल्म- साजन बिना सुहागन (1978)
निर्देशक- सावन कुमार टाक
सिंगर- येसुदास, अनुराधा पौडवाल
संगीतकार- उषा खन्ना
गीतकार- इंदिवर
राग- अहीर भैरव
मधुबन खुशबू देता है….
https://www.youtube.com/watch?v=ZPT-rm0C0WE
मधुबन खुशबू देता है,
सागर सावन देता है,
जीना उसका जीना है
जो औरों को जीवन देता है,
मधुबन खुशबू देता है….
सूरज ना बन पाए तो
बनके दीपक जलता चल,
सूरज ना बन पाए तो
बनके दीपक जलता चल,
फूल मिलें या अंगारे,
सच की राहों पे चलता चल,
सच की राहों पे चलता चल,
प्यार दिलों को देता है,
अश्कों को दामन देता है,
जीना उसका जीना है,
जो औरों को जीवन देता है,
मधुबन खुशबू देता है,
सागर सावन देता है,
मधुबन खुशबू देता है….
चलती है लहरा के पवन
के साँस सभी की चलती रहे,
चलती है लहरा के पवन
के सांस सभी की चलती रहे,
लोगों ने त्याग दिये जीवन,
के प्रीत दिलों में पलती रहे,
के प्रीत दिलों में पलती रहे,
दिल वो दिल है जो औरों को,
अपनी धड़कन देता है,
जीना उसका जीना है,
जो औरों को जीवन देता है,
मधुबन खुशबू देता है,
सागर सावन देता है,
मधुबन खुशबू देता है….
अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्या की पहचान के लिए चलेगा अभियान
जयपुर. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर जिला पुलिस को शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों व रोहिंग्याओं की धरपकड़ के निर्देश दिए हैं। इसी तरह अवैध ई-रिक्शा संचालन व समय के बाद शराब बिक्री पर भी सख्ती होगी।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को अजमेर स्थित सर्किट हाऊस में जिला पुलिस अधीक्षक से कानून व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अजमेर के दरगाह सम्पर्क सड़क, दिल्ली गेट व शहर के अन्य हिस्सों में बढ़ते अपराधों पर लगाम कसी जाए। कई बार इन अपराधों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्याओं की भूमिका सामने आती है। इन सभी के खिलाफ सर्च अभियान चलाकर धरपकड़ की जाए। इन्हें देश से बाहर भेजने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दरगाह सम्पर्क सड़क पर स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना शीघ्र हो। बजट घोषणा की अनुपालना में हरिभाऊ उपाध्याय नगर में थाने के निर्माण व शुरूआत का काम जल्द करवाया जाए।
श्री देवनानी ने पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र विश्नोई को निर्देश दिए कि अजमेर के आनासागर पुलिस चौकी पर पर्याप्त स्टाफ नियुक्त हो। साथ ही चौकी के नए भवन का निर्माण के प्रस्ताव पर भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चेन स्नैचिंग व बच्चों को पकड़ने वाला गिरोह पुनः सक्रिय हो रहा है, इनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही हो।
जयपुर. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर जिला पुलिस को शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों व रोहिंग्याओं की धरपकड़ के निर्देश दिए हैं। इसी तरह अवैध ई-रिक्शा संचालन व समय के बाद शराब बिक्री पर भी सख्ती होगी।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को अजमेर स्थित सर्किट हाऊस में जिला पुलिस अधीक्षक से कानून व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अजमेर के दरगाह सम्पर्क सड़क, दिल्ली गेट व शहर के अन्य हिस्सों में बढ़ते अपराधों पर लगाम कसी जाए। कई बार इन अपराधों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्याओं की भूमिका सामने आती है। इन सभी के खिलाफ सर्च अभियान चलाकर धरपकड़ की जाए। इन्हें देश से बाहर भेजने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दरगाह सम्पर्क सड़क पर स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना शीघ्र हो। बजट घोषणा की अनुपालना में हरिभाऊ उपाध्याय नगर में थाने के निर्माण व शुरूआत का काम जल्द करवाया जाए।
श्री देवनानी ने पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र विश्नोई को निर्देश दिए कि अजमेर के आनासागर पुलिस चौकी पर पर्याप्त स्टाफ नियुक्त हो। साथ ही चौकी के नए भवन का निर्माण के प्रस्ताव पर भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चेन स्नैचिंग व बच्चों को पकड़ने वाला गिरोह पुनः सक्रिय हो रहा है, इनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही हो।
खाद्य सुरक्षा पर सेमिनार....
जयपुर. खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय राजस्थान एवं होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान की ओर से फूड सेफ्टी,हाइजीन एवं मिलेट्स (मोटा अनाज) के प्रमोशन के लिए यहां सेमिनार का आयोजन किया गया।
राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने कहा की होटल फेडरेशन की ओर से स्वास्थ्य विभाग के साथ इस तरह के सेमिनार आयोजन से खाद्य पदार्थों को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ेगी और मोटे अनाज के उपयोग के लिए लोग प्रेरित होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में मोटे अनाज को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के उपयोग से हम अनेक बीमारियों से बच सकते हैं। टूरिज्म सेक्टर से जुड़े सदस्यों के साथ फूड सेफ्टी विभाग द्वारा इस प्रकार की वार्ता से एक अच्छा संदेश पूरे राजस्थान भर में पहुंचेगा।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त इकबाल खान ने सेमिनार में शामिल प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब दिया और फेडरेशन द्वारा विभाग के साथ मिलकर किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि फेडरेशन के सदस्यों की समस्याओं का आगामी दिनों में कैंप लगाकर तुरंत समाधान का प्रयास किया जाएगा।
अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखते हुए सैनिटेशन एवं हाइजीन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट पर सजा के अनेक प्रावधान हैं। उपभोक्ताओं को किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट पाए जाने पर तुरंत विभाग को सूचित करना चाहिए, जिससे मिलावट करने वालों पर उचित कार्रवाई की जा सके। प्रत्येक व्यक्ति तक शुद्ध खाना पहुंचे इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।
फेडरेशन के अध्यक्ष हुसैन खान ने कहा फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के साथ इस सेमिनार में अनेक प्रकार की जानकारियों से सदस्यों को अवगत करवाया गया। इस संदेश को हम राजस्थान में पर्यटन से जुड़े सभी सेक्टर तक पहुंचने का प्रयास करेंगे, जिससे पर्यटकों को बिना मिलावट का शुद्ध आहार उपलब्ध करवाकर हम हमारे दायित्वों का निर्वहन कर सकें। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से प्रारंभ किए गए मोटा अनाज प्रमोशन अभियान और शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान को भी हम लगातार गति दे रहे हैं। इस प्रकार की कार्यशाला संभागवार करवाने का प्रयास किया जाएगा।
सेमिनार में फूड सेफ्टी विभाग के उपायुक्त डॉ. एसएन धौलपुरिया सहित अन्य अधिकारी, फेडरेशन के सदस्य एवं विभिन्न होटल्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





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